बेटी (कविता)....Daughter (poem)
बेटी हाँ, तुम मेरी बेटी हो मेरे दिल के बहुत करीब हो इतने करीब कि तुमको खुद में महसूस कर रही हूँ हर पल हाँ, तुम मेरी बेटी हो। तुम संभाल लेती हो मेरे आवेश को भांप लेती मन के हर भाव को समेट लेती हो जब मैं बिखरती हूँ हाँ, तुम मेरी बेटी हो। सखी हो मेरी,हमराज भी मेरे मन का सुकून भी रोशनी हो इस घर की नटखट हो थोड़ी शैतान भी हाँ, तुम मेरी बेटी हो डोर हो मेरे परिवार की बांध रखा है सबको प्यार से भाई की राजदार हो उसकी सलाहकार भी दोनों की चुहलबाजी से गुलज़ार है ये चमन सदा यूँ ही बना रहे ये प्यार का बंधन। शाम्भवी(सरोज) ______________________________________________ English Translation Daughter Yes you are my daughter Be very close to my heart So close to you Feeling myself every moment Yes, you are my daughter. You manage To my charge ...